उत्तराखंड में महिला जिपलाइन केबिल से खाई में गिरी; Viral वीडियो देख लोग घबराए तो चमोली पुलिस ने बताई पूरी सच्चाई
Uttarakhand Woman Ziplining Accident Fake Viral Video Fack Check
Woman Ziplining Viral Video: इस समय सोशल मीडिया पर एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। जो कि उत्तराखंड के चमोली का बताया जा रहा है। इस वीडियो में दिखता है कि एक महिला जिपलाइन केबिल पर जा रही है। लेकिन देखते ही देखते अचानक महिला के लिए यह एडवेंचर और रोमांच हादसा बन जाता है और जिपलाइन केबिल टूटने से वह खाई में नीचे गिर जाती है। इधर महिला का वीडियो जब सोशल मीडिया पर सामने आता है तो लोग बुरी तरह से घबरा जाते हैं। क्योंकि वीडियो देखने में काफी डरावना और खौफनाक है। लोगों के बीच से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगती हैं।
वीडियो
वायरल वीडियो की सच्चाई कुछ और?
महिला के हादसे वाले इस वायरल को लेकर असली सच्चाई कुछ और है। तेजी से वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए चमोली पुलिस ने इस वीडियो की सच्चाई सामने लाई है। चमोली पुलिस ने वीडियो को पूरी तरह फर्जी और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनाया गया वीडियो बताया है। मसलन इंटरनेट और सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के चक्कर में इस तरह के डराने वाले वीडियो को बनाया गया।
पुलिस की जांच में वीडियो निकला AI जनरेटेड
चमोली पुलिस ने वीडियो की जांच कराई। जांच के दौरान पाया गया कि वीडियो का कर्णप्रयाग या चमोली जिले की किसी वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है। पुलिस के अनुसार यह वीडियो पूरी तरह भ्रामक, असत्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में कर्णप्रयाग क्षेत्र में ऐसी कोई जिपलाइनिंग गतिविधि संचालित नहीं हो रही है, जिससे यह दावा और भी संदिग्ध साबित होता है कि वीडियो स्थानीय घटना का है।
???? फेक वीडियो से सावधान: कर्णप्रयाग में जिपलाइनिंग हादसे का वायरल वीडियो पूरी तरह भ्रामक एवं AI जनरेटेड ???? pic.twitter.com/bmwIgFUibD
अफवाह फैलाने वालों को पुलिस की चेतावनी
इस तरह के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और लोगों के बीच डर पैदा करने वाले शरारती तत्वों को पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं इस वीडियो को लेकर चमोली पुलिस ने कहा कि फर्जी और भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वाले व्यक्तियों को चिह्नित किया जा रहा है। पुलिस ने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने, गलत सूचना साझा करने और आम जनता को गुमराह करने वाले लोगों के खिलाफ प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।